हिंदी साहित्य टेस्ट -13 || आदिकाल क्विज -10

आदिकाल quiz / mcq का 10 वां पार्ट है | अत्यंत महत्त्वपूर्ण प्रश्नों का संकलन इस आदिकाल के ऑनलाइन टेस्ट में किया गया है | आदिकाल के वस्तुनिष्ठ प्रश्न सभी प्रतियोगियों के लिए सहयोगी होंगे |

टेस्ट सबमिट करने के बाद परीक्षार्थी अपना प्राप्तांक और प्रश्नों के ठीक-ठीक उत्तर देख सकते हैं

1. शबरपा के गुरु का क्या नाम था ?

 
 
 
 

2. कण्हपा के गुरु का क्या नाम था ?

 
 
 
 

3. लुइपा के गुरु का क्या नाम था ?

 
 
 
 

4. सिद्ध साहित्य में वर्णित पंचमकार के अंतर्गत नहीं आता है ?

 
 
 
 

5. सिद्ध साहित्य में वर्णित महिला साधिका नहीं है 

 
 
 
 

6. निम्नलिखित सिद्ध साधिका में कौन राजकुमारी थी ?

 
 
 
 

7. निम्नलिखित सिद्ध साधिका में कौन गृहदासी थी ?

 
 
 
 

8. बुद्धोदय किसकी रचना है ?

 
 
 
 

9. दोहाकोश किसकी रचना है ?

 
 
 
 

10. चर्यापद का सम्बन्ध किस मत से है ?

 
 
 
 

11. सहजयान को वज्रयान की कौन सी अवस्था माना गया है ?

 
 
 
 

12. गुह्यासमाज का सम्बन्ध किससे है ?

 
 
 
 

13. सिद्धों की तांत्रिक साधना में सहयोग करने वाली स्त्री क्या कहा जाता था ?

 
 
 
 

14. किसका सम्बन्ध नाथपंथ से है ?

 
 
 
 

15. नाथ साहित्य की कौन सी विशेषता भक्तिकाल के संत साहित्य को प्रभावित किया ?

 
 
 
 

16. सिद्ध साहित्य के सन्दर्भ में कौन सा कथन असत्य है ?

 
 
 
 

17. हिंदी साहित्य की किस काव्यधारा के पर सिद्ध और नाथ का सर्वाधिक प्रभाव दिखाई दिया है ?

 
 
 
 

18. कौलमत के प्रवर्तक कौन हैं ?

 
 
 
 

19. श्रावकाचार रचना का सम्बन्ध किस पंथ से है ?

 
 
 
 

20. चर्यापद किसकी रचना है ?

 
 
 
 

21. किस विचार को लेकर सिद्धों और नाथों में परस्पर मतभेद था ?

 
 
 
 

22. सिद्ध साहित्य में अपभ्रंश साहित्य का कौन सा रूप मिलता है ?

 
 
 
 

23.  

“उनकी रचनाओं का जीवन की स्वाभाविक अनुभूतियों और दशाओं से कोई सम्बन्ध नहीं है , वे साम्प्रदायिक शिक्षा मात्र हैं अत: सुद्ध साहित्य की कोटि में नहीं आ सकती” 

कथन किस कवि का है ?

 
 
 
 

24. “आदिकाल नाम भ्रामक है इससे बाबा आदम के जमाने का बोध होता है” कथन किसका है ? 

 
 
 
 

25. सिद्धों के महासुखवाद से क्या तात्पर्य है ?

 
 
 
 

आदिकाल ऑनलाइन टेस्ट -10

स्वयंभू को अपभ्रंश का वाल्मीकि कहा जाता है |

पुष्पदंत को अपभ्रंश का भवभूति या व्यास कहा जाता है |

पंचमी चरिउ स्वयंभू की रचना है |

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